हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वॉट्सऐप मैसेज के कारण बर्खास्त HRTC कंडक्टर को बहाल करने के आदेश

हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वॉट्सऐप मैसेज के कारण बर्खास्त HRTC कंडक्टर को बहाल करने के आदेश

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एचआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड कंडक्टर को फिर से नौकरी पर रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वॉट्सऐप पर हुई प्राइवेट बातचीत को पब्लिक आलोचना नहीं माना जा सकता और कर्मचारियों को अपनी शिकायतें बताने और अपनी निराशा जाहिर करने का अधिकार है।

कोर्ट ने हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) के 10 अक्टूबर, 2023 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कंडक्टर सुनील कुमार की सेवाएं खत्म कर दी गई थीं। उन्हें 2021 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था। सितंबर 2023 में, कुछ कंडक्टरों ने “हिमाचल परिचालक एकता” नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया। इसमें कुमार ने दो सामान्य मैसेज शेयर किए, जिनमें कॉरपोरेशन के नए नियमों की समीक्षा और कर्मचारियों के लिए उनके संभावित फायदों और नुकसानों पर चर्चा की गई थी। एचआरटीसी मैनेजमेंट ने इन मैसेज को अपनी सोशल मीडिया गाइडलाइंस और कुमार के कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन माना और अक्टूबर 2023 में उनकी सेवाएं खत्म कर दीं। इसके बाद उन्होंने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि किसी भी संगठन के कर्मचारियों का मैनेजमेंट के प्रति शिकायतें रखना स्वाभाविक है। कोर्ट ने कहा, “खुद संगठन के हित में यह बेहतर है कि ऐसी शिकायतों को जाहिर करने दिया जाए, क्योंकि इससे सुधार हो सकता है। जब तक ऐसी अभिव्यक्ति से सीधे तौर पर संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान न पहुंचे, तब तक मैनेजमेंट को दखल नहीं देना चाहिए।” कोर्ट ने यह भी पाया कि एचआरटीसी ने शो-कॉज नोटिस जारी करने के चरण में ही यह राय बना ली थी कि कुमार सेवा में बने रहने के लिए अयोग्य हैं।

Related posts

Leave a Comment